मुश्किल परिस्थितियों से कैसे लड़े(circumstances meaning in hindi)

Spiritual stories
4 min readAug 30, 2021

हमारे जीवन में कदम कदम पर मुश्किल परिस्थितियां आती रहती हैं अब यह. हमारे ऊपर है कि हम परिस्थितियों से किस तरह लड़ते हैं, या फिर मुश्किल परिस्थितियों में घबरा जाते हैं. परिस्थितियों किसके जीवन में नहीं आती यहां ऐसा कोई इंसान नहीं है जो कभी मुश्किलों से ना लड़ा हो. हर इंसान के जीवन में मुश्किल परिस्थितियां आती हैं. कुछ इंसान इन्हीं परिस्थितियों में घबरा जाते हैं, और गलत कदम उठा लेते हैं. लेकिन उनके इस गलत कदम का नतीजा उनके पूरे परिवार के ऊपर पड़ता है, और कभी-कभी तो पूरे परिवार ही खत्म हो जाते हैं.

हमारे जीवन में जब भी कोई मुश्किल परिस्थिति आए उसको अच्छी तरह सोच समझ कर सामना करना चाहिए. जब भी कोई ऐसी परिस्थिति आए अपने परिवार को जरूर इसके बारे में बताना चाहिए. क्योंकि कभी-कभी सब मिलकर ही इस मुश्किल परिस्थिति को सुलझा लेते हैं. इसलिए अपने परिवार को जरूर विश्वास में लेना चाहिए.

जब भी जीवन में कठिन परिस्थितियां आए अपना मानसिक संतुलन नहीं खोना चाहिए, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में तो अपने दिमाग को और ज्यादा मजबूत करना चाहिए. क्योंकि हमारे जीवन में जब भी बुरी परिस्थितियां आती हैं, हमें और ज्यादा मजबूत करके ही जाती हैं. कहने का मतलब यह है हमें बहुत कुछ सिखा कर जाती हैं.

परिस्थितियां हर इंसान के जीवन में अच्छी बुरी आती ही आती है. इसलिए ऐसी स्थिति में घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि आज अगर हम घबरा गए तो फिर जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे. क्योंकि हमारे जीवन में ऐसी परिस्थितियों से ही हमें आगे बढ़ने में प्रेरणा मिलती है. इसलिए जीवन में किसी भी तरह की परिस्थिति आए उसका डटकर सामना करें.
मैं आपको एक उदाहरण के जरिए इसके बारे में बताती हूं

एक बार एक किसान था जो कि परमात्मा से ही लड़ने लगा कि मेरे जीवन में इतनी कठिन परिस्थितियां क्यों आती है जब भी मेरी फसल थोड़ी सी होने लगती है भगवान कभी बारिश कर देता है कभी आंधी आने लग जाती है तो कभी तेज तूफान आ जाता है. उसे यह लड़ाई करते हुए बहुत दिन बीत गए थे.

1 दिन परमात्मा ने कहा चलो ठीक है तुम जैसा कहोगे अब मैं वैसा ही करूंगा. तो किसान ने कहा कि जब मुझे पानी की जरूरत होगी. मैं बोल दूंगा बारिश कर देना जब हवा की जरूरत होगी .तब आप हवा चलाना लेकिन आंधी और तूफान का भी नहीं आना चाहिए .भगवान जी ने बोला कि ठीक है.

अब किसान की फसल जब पक गई .उसने अपनी फसल को काटा तो देखा. कि उसके अंदर तो कोई दाना ही नहीं था पूरी फसल बेकार हो चुकी थी. फिर वह खूब रोया और सोचने लगा कि मैंने तो इस बार सब कुछ अच्छे से किया है. ना कोई आंधी आई ना कोई तूफान आया तो फिर मेरी फसल में कोई भी दाना क्यों नहीं है. फिर से वह भगवान के साथ लड़ने लग गया.

तब भगवान जी ने उसे बताया यह जो आंधी तूफान आते हैं. जब यह पौधे उनसे डटकर मुकाबला करते हैं. तब इनके अंदर वह फल वह बीज पैदा होता है .जब तक यह उनका डटकर मुकाबला नहीं करेंगे तब तक इसके अंदर कोई भी दाना पैदा नहीं होगा इसीलिए मैं आंधी तूफान लाता हूं. ताकि तुम्हारी फसल अच्छे से उग जाए और तुझे भरपूर दाने मिल जाए. अब किसान पछताने लगा कि जिन परिस्थितियों को मैं बुरा समझ रहा था .उनका नतीजा तो बहुत अच्छा था और जिन परिस्थितियों को मैं अच्छा समझ रहा था. उनका नतीजा आज मेरे सामने बहुत बुरा निकल के आया छे महीने मेहनत की लेकिन कोई भी दाना हाथ में नहीं आया.

इसी तरह दोस्तों हमारे जीवन में हर एक परस्थिति अच्छी ही होती है. हमारी देखने का सिर्फ एक नजरिया होता है. हम खुद ही उस पर परिस्थिति को अच्छा और बुरा बना लेते हैं .जबकि हमें तो हर हाल में हर एक परिस्थिति से लड़ना चाहिए.

परिस्थितियां हमारे जीवन में कई तरह से आ सकती हैं. अपने काम धंधे में हमें बुरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, अपने परिवार में अपने रिश्तेदारों में दोस्तों में कहने का मतलब यह है. कि हमारे जीवन में कदम कदम पर परिस्थितियां बदलती रहती हैं. जीवन में जब भी कभी ऐसी परिस्थिति हमारे सामने आए उसका सामना करें.

जीवन कभी भी एक समान नहीं चलता. आज अगर हमारे जीवन में खुशी है, तो कल दुख भी हो सकता है. इसलिए जीवन में हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. अगर हम यह सोच कर चलेंगे, तो हमारे जीवन में किसी भी प्रकार की परिस्थिति आएगी तो हम उसका सामना आसानी से कर सकेंगे.

आप इतिहास उठाकर देख लो वही लोग जिंदगी में कामयाब हुए हैं जिन्होंने हर परिस्थिति का मजबूती से सामना किया. आज उनको सारी दुनिया सलाम करती है.

आज का मेरा यह पोस्ट अच्छा लगे तो शेयर लाइक और फॉलो जरूर करें.
धन्यवाद

Originally published at https://www.lifetopics.online.

--

--

Spiritual stories

"God is not your bank account. He is not your means of provision. He is not the hope of your pay. He is not your life. He's not your god. He's your Father."