दुनिया क्या है

दुनिया क्या है

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दुनिया क्या है. अक्सर हम सबके मन में सवाल उठता रहता है कि दुनिया क्या है. दुनिया है एक बहुत ही बड़ा मुसाफिरखाना है. यहां हम मुसाफिर की तरह आते हैं. और एक दिन चले जाते हैं. इस दुनिया में कोई भी हमेशा के लिए नहीं रह सका है. चाहे वह बड़े-बड़े महात्मा हो, चाहे बड़े-बड़े राजा महाराजा हो, सब अपना समय पूरा करके इस दुनिया से चले गए हैं.

जैसे हम ट्रेन में जाते हैं. अलग अलग तरह के मुसाफिर ट्रेन में आते है. थोड़ा बहुत समय सब आपस में बिताते हैं. फिर जैसे-जैसे जिसकी मंजिल आती है. वह ट्रेन से उतरता जाता है. यही हिसाब दुनिया का है. सब अपना अपना समय पूरा करके इस दुनिया से वापस चले जाते हैं. और इस दुनिया से गया मुसाफिर इस रूप में लौटकर दोबारा नहीं आता.

इस दुनिया में हमें बहुत से रिश्ते नाते मिलते हैं. मां बाप मिलते हैं. भाई बहन मिलते हैं. यार दोस्त मिलते हैं. और फिर हमारे बीवी बच्चे भी होते हैं. लेकिन सबको एक समय दिया जाता है इस दुनिया में. सब अपना अपना समय पूरा करते हैं. और फिर वापस लौट जाते हैं.

हम लोग बहुत ही नासमझ हैं. जो इस दुनिया को हमेशा के लिए अपना समझते हैं. और यह सोचते हैं. कि हम इस दुनिया में हमेशा के लिए रहेंगे. हम रोज और लोगों को भी देखते हैं कि आज हमारा यह रिश्तेदार इस दुनिया से चला गया. यह दोस्त चला गया. लेकिन हम खुद कभी नहीं सोचते कि हमने भी एक दिन इस दुनिया से चले जाना है. इंसान इस दुनिया में अंधों की तरह चलता है. सब कुछ उसके सामने हो रहा है. लेकिन फिर भी देख कर अनदेखा कर रहा है.

इस दुनिया से रोज हजारों लोग जाते हैं. और हजारों इस दुनिया में आते हैं. सब एक मुसाफिर ही तो है. यह सब देखने के बावजूद हम इस पर विचार नहीं करते और घमंड और अकड़ से रहते हैं. दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं.

इस दुनिया में जो भी जीवन है. चाहे वह इंसान हो, चाहे वह जानवर हो, चाहे पक्षी हो, चाहे वह घास फूस या कुछ भी हो. मतलब इस धरती पर जिस में भी जीवन है. उसने एक दिन यह दुनिया छोड़कर जानी है. चाहे वह अमीर हो, चाहे गरीब हो, चाहे राजा महाराजा हो, सबने एक दिन यह दुनिया छोड़नी है. अगर विश्वास नहीं होता तो जो बड़े-बड़े महल बने हैं. बड़ी-बड़ी हवेलियां बनी है. एक बार जाकर उसको भी देखो. वहां जो लोग रहते थे. इंसान को इंसान भी नहीं समझते थे. आज वो कहां है?

हमारी हालत तो यह है. हम कुछ दिनों के लिए घूमने के लिए दूसरे शहर में जाते हैं. वहां रहने के लिए एक होटल में कमरा लेते हैं. कुछ दिनों में कमरे से इतना लगाव हो जाता है. उस कमरे को ही सजाने सवारने लग जाते हैं. अपना सारा समय इसी काम में लगा देते हैं. और यह सोचते हैं यहां हमने हमेशा के लिए रहना है. यह भी भूल जाते हैं. यह होटल हमने कुछ दिनों के लिए ही लिया है. और एक दिन हमने इस होटल को छोड़ देना है. यह भी भूल जाते हैं कि हम एक मुसाफिर हैं. मेरा कहने का मतलब यह है. यह दुनिया एक सराय या होटल है. जो हमें बहुत थोड़े समय के लिए मिला है. अपना समय पूरा करके इस दुनिया से चले जाना है. जो चीज हमें थोड़े समय के लिए मिली है. क्या उससे इतना लगाव ठीक है?

हम पूरी जिंदगी इस दुनिया में रहने का समान इकट्ठा करते रहते हैं. किसी भी चीज की कमी नहीं रखना चाहते. लेकिन एक बात भूल जाते हैं. कि हम मुसाफिर हैं. थोड़े समय के बाद हमने यह दुनिया छोड़ देनी है. हम दुनियादारी में तो बहुत समझदारी की बातें करते हैं. लेकिन दुनिया छोड़ने की बात में हमारी समझदारी कहां जाती है. बहुत ही हैरानी वाली बात है. एक पुरानी कहावत बनी है. सामान सौ बरस का और पल की खबर नहीं. हमें कुछ नहीं पता. कि हमें किस समय यह दुनिया छोड़ देनी है.

कभी-कभी बहुत अफसोस होता है. हमें अपनी नासमझी पर कि हम हमें यह सब क्या कर रहे हैं. लोगों से लड़ाई झगड़ा बेईमानी झूठ धोखा क्यों करते हैं. जो जगह हमें मिली ही थोड़े समय के लिए हैं. वहां लड़ाई झगड़ा करके अपना समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं. इस दुनिया में आए हैं. सब के साथ प्यार से रहे. लोगों की मदद करें. और परमात्मा को याद करें.

दुनिया एक मुसाफिर खाना है. मुसाफिर ही बन कर रहो. मालिक बनने की कभी कोशिश मत करो. भगवान ने तो एक सीधा और साफ विधान बनाया है दुनिया का. खाली हाथ सबको दुनिया में भेजा है. और खाली हाथ ही वापस बुलाया है. यहां से कभी कोई कुछ भी नहीं ले जा सका है. और ना कभी ले जा सकेगा.

फिर क्यों हम सारी उम्र इस दुनिया की चीजों के पीछे दौड़ते रहते हैं. तो चलो आज से इस दौड़ को खत्म करते हैं. जो है, जितना है उस में खुश रहते हैं क्योंकि साथ इसमें से कुछ नहीं जाना. और जितने भी दिन दुनिया में बिताने के लिए मिले हैं वह हंसी-खुशी बिताते हैं. सब को खुश रखते हैं और खुद खुश रहते हैं.

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धन्यवाद

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"God is not your bank account. He is not your means of provision. He is not the hope of your pay. He is not your life. He's not your god. He's your Father."

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